रोज़ Exercise करने के बाद भी Weight Loss नहीं हो रहा? जानिए असली कारण

 रोज़ Exercise करने के बाद भी Weight Loss नहीं हो रहा? जानिए असली कारण


कई लोग बड़े उत्साह के साथ जिम जॉइन करते हैं या Morning Walk शुरू करते हैं। कुछ दिन या कुछ हफ्ते तक सब ठीक चलता है, लेकिन जब Weight Machine पर कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं देता तो उनका उत्साह कम होने लगता है। कई लोग एक-दो महीने बाद ही हार मानकर अपनी Fitness Journey छोड़ देते हैं।


ऐसे समय मुझे भगवद्गीता में भगवान कृष्ण का एक संदेश याद आता है — "कर्म करते रहो, फल की चिंता मत करो।"


फिटनेस में भी यही बात लागू होती है। जब लोग हार मानकर छोड़ देते हैं, अक्सर वहीं से शरीर के अंदर असली बदलाव शुरू हो रहे होते हैं। ये परिवर्तन शुरुआत में दिखाई नहीं देते क्योंकि वे सबसे पहले शरीर के अंदर होते हैं।


जब आप नियमित रूप से Walk, Exercise और अच्छी आदतों को जारी रखते हैं, तब कुछ महीनों बाद आप पहले जैसे नहीं रहते। आपका शरीर धीरे-धीरे बदलने लगता है।


कई बार ऐसा होता है कि कोई व्यक्ति आपको 12 से 18 महीने बाद देखे और कहे:


"क्या बात है! तुम पहले से ज्यादा फिट लग रहे हो। पेट भी पहले से कम दिख रहा है।"


लेकिन इस बदलाव के पीछे कोई जादू नहीं होता। इसके पीछे होती है निरंतर मेहनत, संयम और अच्छी आदतें।


ठंड हो या बारिश, मन करे या न करे — यदि Walk करने का समय है तो Walk करें।


यही आदत आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचाती है।


इसका मतलब यह नहीं कि आप अपने ऊपर अत्याचार करें या घंटों जिम में पसीना बहाएं।


आप सिर्फ इतना करें:


- हफ्ते के 7 दिनों में से 6 दिन लगभग 5 किलोमीटर Fast Walk करें।

- 10 से 15 मिनट अपनी पसंद की कोई Exercise करें।

- यदि संभव हो तो सुबह Exercise करें, क्योंकि यह सबसे अच्छा समय माना जाता है।

- महीने में कम से कम 21 दिन नियमित रहें।


इसके साथ अपने खान-पान का भी ध्यान रखें।


- Junk Food से बचें।

- रात का भोजन थोड़ा हल्का रखें।

- बार-बार Weight Machine पर चढ़कर निराश न हों।


इसके बजाय अपनी कमर और पेट का माप लें और 3 महीने बाद दोबारा जांचें।


यदि आप सही रास्ते पर हैं, तो सबसे पहले आपके कपड़े आपको संकेत देंगे। वे पहले से ढीले होने लगेंगे।


अब आपके मन में सवाल आ सकता है:


"लेकिन वजन कम क्यों नहीं हुआ?"


कई बार ऐसा इसलिए होता है क्योंकि Exercise से शरीर का Fat कम हो रहा होता है, लेकिन साथ ही नई Muscles भी बन रही होती हैं। Muscles का वजन Fat की तुलना में अधिक होता है।


यही कारण है कि कभी-कभी Weight Machine पर बहुत बड़ा बदलाव नहीं दिखता, जबकि आपका शरीर पहले से अधिक फिट, मजबूत और आकर्षक बन चुका होता है।


इसलिए सिर्फ वजन को सफलता का पैमाना मत बनाइए।


नियमित रहिए, धैर्य रखिए और अपने शरीर को समय दीजिए।


याद रखिए — Fitness एक Sprint नहीं, बल्कि एक Marathon है।

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