मेडिटेशन क्या है?
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| Benefits of Meditation |
एक सुकून का पल, या यूँ कहें कि मन की शांति—जिसे आज हर कोई खोज रहा है, चाहे वह समृद्ध हो या निर्धन।
आज हर व्यक्ति एक दौड़ में लगा हुआ है। सभी भाग रहे हैं, लेकिन इस दौड़ में आखिर मिलेगा क्या, यह किसी को नहीं पता। इस दौड़ का हिस्सा अमीर भी है और गरीब भी। मैं यह नहीं कहता कि हमें अपना काम-काज छोड़ देना चाहिए। कर्म करना तो आवश्यक है, लेकिन मानसिक शांति भी उतनी ही आवश्यक है।
आइए, इस पर थोड़ा विचार करते हैं।
मन शांत कैसे हो?
मन को शांत करने के लिए सबसे पहले विचारों को शांत करना होगा। हमारे मस्तिष्क में एक दिन में हजारों विचार आते हैं। इन विचारों की गति और दिशा को नियंत्रित करना ही मन की शांति की कुंजी है।
विचारों को नियंत्रित करने की एक प्रभावी विधि हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्ष पहले ही खोज ली थी। इसे ध्यान या मेडिटेशन (Meditation) कहा जाता है।
इसे करना कोई कठिन कार्य नहीं है। आइए, जानते हैं कैसे।
सबसे पहले किसी शांत और एकांत स्थान का चयन करें। आराम से बैठ जाएँ और अपनी आँखें बंद कर लें। अब जो भी विचार मन में आएँ, उन्हें आने दें। उन्हें रोकने या उनसे लड़ने का प्रयास न करें। बस उन्हें आने और जाने दें। शुरुआत में यह अभ्यास कुछ मिनटों तक करें।
प्रतिदिन कम-से-कम 5 मिनट इसका अभ्यास करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाते जाएँ।
जब 2–4 दिन तक यह अभ्यास हो जाए, तब इसके अगले स्तर पर जाएँ। यह शुरुआती अभ्यास केवल तैयारी थी।
अगला स्तर क्या है?
अब अपनी आँखें बंद करें और अपना पूरा ध्यान अपनी साँसों पर केंद्रित करें।
शुरुआत में मन बार-बार भटकेगा, लेकिन हर बार उसे धीरे से वापस अपनी साँसों पर ले आएँ। यही अभ्यास ध्यान की वास्तविक शुरुआत है।
इसका नियमित अभ्यास कुछ महीनों तक करें। फिर स्वयं इसके अद्भुत लाभों का अनुभव करें। मन अधिक शांत होगा, एकाग्रता बढ़ेगी और जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस होंगे।

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